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Thursday, July 24, 2025

गजेंद्र आर्य, SSE/Sig/SJP रन ओवर, परिवार समेत पूरा विभाग सदमे में

कल दिनांक 24 जुलाई, 2025 को दोपहर बाद 03:30 बजे बहुत ही दुःखद दुर्भाग्यपूर्ण घटना सीहोर बकतल सेक्शन में घटी जिसमें हमारे अपने CSI श्री गजेंद्र आर्य, SSE/Sig/SJP जो ट्रैक सर्किट के फेलियर की जांच कर रहे थे प्रयागराज एक्सप्रेस से रनओवर हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार घटना एक गोलाई में हुई जहाँ एक मालगाड़ी भी खड़ी थी जिस कारण आने वाली ट्रेन दिख नहीं पाई और जान बचाने का समय नहीं मिल पाया। घटना के वक्त उनके साथ काम कर रहा सहायक भी मुश्किल से अपनी जान बचा पाया परन्तु वो अभी इतनी बड़ी घटना के बाद सदमे की हालत में है। 
इंडियन रेलवे सिगनल एवं टेलिकॉम मैंनटेनर्स युनियन (IRSTMU) ने गहरा दुःख जताते हुए बताया कि संकट की इस घड़ी में IRSTMU उनके परिवार एवं विभाग के साथ है। 
साथ ही सरकार से निवेदन किया कि सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में कर्मचारियों की अपार कमी है और इसे जल्द से जल्द भरा जाना चाहिए।
इस प्रकार अगर ट्रैक सर्किट फेलियर की जांच के दौरान ऐसी दुःखद घटना घटती है तो इस केवल और केवल एक ही कारण है सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में काम का अत्यधिक दबाव। जिसके लिए केवल रेल प्रशासन ही नहीं बल्कि पूरी सरकार को अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह केवल एक सुपरवाइजर के रन ओवर तक ही नहीं सीमित है बल्कि पूरे विभाग की दुर्दशा का द्योतक है।
उज्जैन निवासी स्व. आर्य के परिवार में माता - पिता समेत पत्नी और पाँच वर्ष का पुत्र शामिल है।
टीम IRSTMU ने इस दुःखद घटना की निंदा करते हुए X पर ट्वीट भी किया है 
https://x.com/irstmu/status/1948367143617139016?t=-TmatVRaJ8BanXo5eaTqnA&s=08


Wednesday, July 23, 2025

भारतीय रेलवे के सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में ठेकाकरण का विरोध: IRSTMU समेत सात संगठनों ने किया विरोध

भारतीय रेलवे की सुरक्षा श्रेणी में ठेकाकरण का विरोध और प्रत्येक विभाग (विशिष्ट रूप से सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग) में आवश्यक अतिरिक्त कर्मचारियों की तत्काल भर्ती के लिए सर्व हिंद निजीकरण विरोधी फोरम (AIFAP) ने किया ऑनलाइन मिटिंग 

IRSTMU समेत सात कैटेगरीकल संगठनों ने की शिरकत 

रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा संयुक्त ज्ञापन 
दिनांक 20 जुलाई, 2025 को शाम 6:00 बजे "सर्व हिंद निजीकरण विरोधी फोरम" (AIFAP) द्वारा भारतीय रेलवे की सुरक्षा श्रेणी में ठेकाकरण का विरोध और प्रत्येक विभाग (विशिष्ट रूप से सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग) में आवश्यक अतिरिक्त कर्मचारियों की तत्काल भर्ती के लिए एक ऑनलाइन मिटिंग का आयोजन किया गया जिसमें भारतीय रेलवे के सात कैटेगरीकल संगठनों समेत कई संगठनों, इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU), इंडियन रेलवे एम्प्लाइज फेडरेशन (IREF), कामगार एकता कमिटी (KEC), ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल (AIGC), ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA), ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA), ऑल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर्स एसोसिएशन (AITCA), ऑल इंडिया पॉइंट्समैन एसोसिएशन (AIPMA), तथा  ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर्स यूनियन (AIRTU) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 
सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा श्रेणी में विशिष्ट रूप से सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में ठेकाकरण का विरोध और प्रत्येक विभाग आवश्यक अतिरिक्त कर्मचारियों की तत्काल भर्ती की मांग करते हुए माननीय रेलवे बोर्ड को संयुक्त ज्ञापन भेजने पर सहमति जताई। 
इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) के महामंत्री आलोक चन्द्र प्रकाश ने संबोधित करते हुए कहा कि सिगनल एवं दूरसंचार विभाग में यार्ड स्टिक तो खुद रेलवे ही बनाती है पर खुद अपने ही बनाए यार्ड स्टिक को लागू नहीं करती। यह तीसरा मौका है जब यार्ड स्टिक को 2022 संशोधित किया गया है। इससे पूर्व 2010 की यार्ड को भी रेलवे बोर्ड लागू नहीं किया जिसमें सिगनल एवं टेलिकॉम गियरों को DESTU/ZESTU के आधार पर कर्मचारियों के कैडर का निर्धारण किया जाता था परन्तु 2022 में यार्ड स्टिक को रूट बेस्ड कर दिया गया। सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग द्वारा इंस्टाल्ड इंरलॉकिंग सर्किट के मैंटेंनेंस एवं समयबद्ध फेलियर का रेक्टिफिकेशन पर ही सभी ट्रेनों का संरक्षित, सुरक्षित एवं समयबद्ध परिचालन संभव है। सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग के सभी कार्यों को केवल और केवल परमानेंट स्किल्ड और विष्टि प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। जिसे कॉंट्रैक्चुअल वर्कर से नहीं कराया जा सकता है। यहाँ तक कि ART/ARME की यार्ड स्टिक के अनुसार जितना स्टाफ लिखा गया है उतना स्टॉफ भी नहीं रखा जा रहा है जो कि अकस्मात या दुर्घटना के वक्त काम आता है।
इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा कि यार्ड स्टिक 2022 में नाइट ड्यूटी फेलियर गैंग बनाने का प्रावधान किया है परन्तु तीन साल हो गए यार्ड स्टिक को लागू नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा इंजीनियरिंग विभाग के पॉइंट तथा ट्रैक रिन्यूअल कार्य चलते रहते हैं इसके अलावा पॉइंट तथा ट्रैकों की मरम्मत भी होती रहती है इन सभी कार्यों में सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग के कर्मचारी पूरी तरह से इंभॉलव रहते हैं, यार्ड स्टिक 2022 में इन सभी कार्यों के लिए अलग से ट्रैक रिपेयरिंग एंड मैन्टेनेंस गैंग की व्यवस्था करने की बात कही गई है, ये भी आज तक नहीं बनाया गया है। सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में आपदा और कई बड़े कार्यों को भी अंजाम दिया जाता है जिसमें एल सी गेट पब्लिक के द्वारा तोड़ना, बड़े यार्ड में केबल डालना, पॉइंट मशीन बदलना जैसे कार्य सम्मिलित हैं, के लिए भी हैवी रिपेयर गैंग का प्रावधान किया गया पर यह भी सही तरह से नहीं बनाया गया है। इन सभी कार्यों को केवल और केवल परमानेंट स्किल्ड और विष्टि प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। जिसे कॉंट्रैक्चुअल वर्कर से नहीं कराया जा सकता है। 
अतः यात्रियों तथा रेलवे की सुरक्षा एवं संरक्षा के साथ -साथ देश की सुरक्षा और संरक्षा के साथ खिलवाड़ तत्काल बंद किया जाना चाहिए और सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में केवल और केवल परमानेंट स्किल्ड तथा रेलवे द्वारा ट्रैंड परमानेंट कर्मचारियों की ही न्युक्ति होनी चाहिए जिन पर रेलवे के नियम लागू होते हैं।
IRSTMU के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रबोध कुमार श्रीवास्तव ने ऑनलाइन मिटिंग में जुड़ने वाले सभी कैटेगरीकल संगठनों इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU), इंडियन रेलवे एम्प्लाइज फेडरेशन (IREF)कामगार एकता कमिटी (KEC), ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल (AIGC), ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA), ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA), ऑल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर्स एसोसिएशन (AITCA), ऑल इंडिया पॉइंट्समैन एसोसिएशन (AIPMA), तथा  ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर्स यूनियन (AIRTU) के सभी प्रतिनिधियों तथा सदस्यों का धन्यवाद किया। IRSTMU के प्रतिनिधि के तौर पर दिलीप खड़े, संतराज मौर्य के साथ करीब 300 सदस्यों ने भाग लिया।

Tuesday, July 22, 2025

टीम IRSTMU ने Member (Infrastructure) से की मुलाकात

नई दिल्ली: टीम IRSTMU का एक शिष्टमंडल रेल्वे बोर्ड में Member (Infrastructure) श्री नवीन गुलाटी सर से मिलकर सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग की समस्याओं को लेकर मिलने पहुंचा‌ तथा सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में हो रही आधुनिक परिवर्तनों के बारें में अपने विचार रखे। 
 सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में स्टाफ की कमी तथा विभिन्न नई नई तकनिक और नये नये गियरों के लिए स्टाफ की नियुक्ति पर पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखा। 
 IRSTMU की तरफ से अध्यक्ष श्री नवीन कुमार एवं महासचिव श्री आलोक चंद प्रकाश के नेतृत्व में पहुंचे शिष्टमंडल ने विभिन्न मुद्दों 
1.रिस्क एंड हार्डशिप एलाउंस
2.सिगनल की तरह टेलीकॉम में भी Grade 1 की सीधी भर्ती। 
3.केवल ज्वाइंटर को OFC की स्प्लाईसिंग का प्रशिक्षण। 
4.ट्रेनिंग स्कुलों में आधुनिक अपडेटेड कोर्स।
5. CCTV मेनटेनस के लिए डिपो स्तर पर अलग युनिट।
6. यॉर्ड स्टीक 2022 के अनुसार रिक्तियों की भर्ती।
7. निर्धारित समय पर जैकेट, रेन कोर्ट, जुता, विंटर जैके, टॉर्च आदि सेफ्टी मैटेरियल की पूर्ति। 
8. रिस्कचरिंग 2023 में तकनीशियन ग्रेड 1, 2 एवं 3 को मर्ज कर एक कैटेगरी Technician (Signal) एवं Technician (Telecom) किया जाए।
9. जिन मंडलों में रिस्कचरिंग 2016 ड्यू है उन्हें अप टू डेट किया जाए। 
10. सहायकों की L5 तक प्रोमोशन के लिए प्वाइंटसमैन कैडर का स्ट्रक्चर अपनाया जाए। 
11. सहायकों को MACP से L6 (GP4200) तक का पहुंचने का अवसर दिया जाए।
12. सहायकों को ट्रैक मेंटेनर के समान MACP में L3 (GP2000) हटा कर सीधे L4 (GP2400) में भेजा जाए।
आदि विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा किया गया, जिस पर Member (Infrastructure) महोदय काफी सकारात्मक विचार व्यक्त किया तथा IRSTMU की प्रसंसा करते हुए निरंतर अंतराल पर स्टाफ साइड की पक्षों को उन तक पहुचाते रहने के लिए प्रोत्साहन किया।

Friday, July 18, 2025

टीम IRSTMU ने नवनियुक्त PCSTE उत्तर रेलवे, श्री राजीव कुमार का किया स्वागत

नई दिल्ली: महामंत्री आलोक चन्द्र प्रकाश के नेतृत्व में टीम IRSTMU ने उत्तर रेलवे के नवनियुक्त PCSTE श्री राजीव कुमार जी का फुलों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। टीम IRSTMU के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कल्पेश परवतीया भी इस अवसर पर उपस्थित हुए। IRSTMU की ओर से कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु एक मांग पत्र भी PCSTE महोदय को सौंपा गया। 
IRSTMU के महामंत्री आलोक ने नवनियुक्त PCSTE उत्तर रेलवे श्री राजीव कुमार जी को शुभकामनाएं एवं बधाई दी तथा कामना की कि उनके कार्यकाल में सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बहुत ही जल्द होगा। उन्होंने कहा कि कवच तथा SMMS की ट्रेनिंग ज्यादा से ज्यादा कराईं जाएगी ताकि सभी कर्मचारियों को अपने कार्य का निष्पादन में आत्मविश्वास से कर सकें। सहायकों को भी नियमित रूप से ट्रेनिंग में भेजा जाएगा। सेफ्टी के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित रूप से सेफ्टी सेमिनार भी करवाया जाएगा साथ ही सेफ्टी से जुड़े सभी गैजेट्स कर्मचारियों को नियमित रूप से उपलब्ध कराये जाएंगे।

Sunday, July 13, 2025

IRSTMU ने रेल मंत्री के समक्ष रेल कर्मचारियों की क्वाटर से संबंधित मूलभूत समस्याओं के व्यापक समाधान के लिए पत्र लिखा।

नए रेल क्वाटरों के आवंटन की प्रक्रिया निष्पक्ष तरिके से करने के लिए सभी विभाग के अधिकारियों के समक्ष लॉटरी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाना

रेलवे क्वॉटरों के आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन किया जाये
IRSTMU के महामंत्री आलोक चन्द्र प्रकाश ने रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव जी को रेल कर्मचारियों की क्वाटर से संबंधित मूलभूत समस्याओं के व्यापक समाधान के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि जहां भी जंक्शन स्टेशन हैं तथा जहाँ हाउसिंग कमेटियां गठित है वहाँ भ्रष्टाचार चल ही रहा है। हाउसिंग कमेटीयों में दलालों का जोर चलता है जो ट्रेड युनियन को भी बदनाम कर गलत ढंग से तथा अनियमित तरीकों का इस्तेमाल कर अपने चहेतों को अच्छे क्वॉटर दिलवाते हैं तथा वास्तविक जरुरतमंद रेल कर्मचारी मुंह ही ताकता रह जाता है। हाउसिंग कमिटियों की मिटिंग भी नियमित नहीं होती और जरुरतमंद कर्मचारी कई – कई महीनों तक रेलवे क्वॉटर खाली होने के बावजूद भी बाहर किराये के मकान में रहने को मजबूर होते हैं जो या तो बहुत महंगे होते हैं या कई बार अविवाहित रेल कर्मचारियों को नहीं मिल पाते या स्थानियता की समस्या की वजह से भी प्राइवेट मकान नहीं मिल पाते। खाली पड़े क्वॉटर में दूसरी अरचन विभागीय पूल की आती है। कुछ दबंग विभाग और उनके दबंग कर्मचारी अच्छे क्वॉटर ले लेते हैं और खाली क्वॉटरों पर अपने विभाग का ठप्पा चढ़ा कर अपने पूल का करवा लेते हैं। और इस प्रकार भले ही क्वाटर खाली हो पर दूसरे विभाग के जरुरतमंद कर्मचारी को नहीं आवंटित किया जाता क्योंकि वह क्वाटर किसी और विभाग के पूल का होता है। इस प्रकार रेल क्वाटर खाली होते हुए भी जरुरतमंद रेल कर्मचारी को तो किराये के मकान में किसी तरह गुजारा करने को मजबूर होना ही पड़ता है परन्तु रेल आवास उपलब्ध होते हुए भी रेल प्रशासन को हाउस रेंट अलाउंस का भुगतान रेल कर्मचारी को करना पड़ता है जिसकी वजह से रेलवे का भी नुकसान होता है। उदाहरण पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के पालनपुर में कई महिनों से टीआरडी विभाग के टाइप 4 क्वाटर खाली पड़े हैं पर सिगनल विभाग के जे.ई.(सिगनल) को आवंटित नहीं किया जा रहा है।
पूल की लड़ाई से शुरु होता है दलाली का खेल, भ्रष्ट हाउसिंग कमिटी जरुरतमंद रेल कर्मचारियों से मुँह मांगी किमत मिलने के पश्चात् भ्रष्ट तरीकों से रेल क्वाटर का सौदा करती हैं। कई बार विभागीय लड़ाई और विभागीय राजनिति जरुरतमंद रेल कर्मचारी को रेल आवास का आवंटन नहीं होने देती।
आलोक चन्द्र के अनुसार सभी रेलवे क्वॉटरों के आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन किया जाना चाहिए साथ ही कितने क्वॉटर उपलब्ध हैं इसकी जानकारी पार्दशिता के साथ ऑनलाइन उपलब्ध होनी चाहिए। किसी स्टेशन पर जब भी कोई रेल कर्मचारी की नई नियुक्ति होती है उसकी आवश्यकता अनुसार उसके अनुरोध पर बिना पूल की लड़ाई के खाली पड़े रेल क्वॉटर का आवंटन तत्काल पार्दशिता के साथ ऑनलाइन किया जाना चाहिए।
रेल क्वॉटर से ही संबंधित एक और महत्वपूर्ण विषय पर ध्यान आकृष्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि जहाँ नये रेलवे क्वॉटर बन रहे हैं वहाँ जितने विभाग के कर्मचारी हैं और सभी विभागों से उनकी आवश्यकता पूछने के बाद नए रेल क्वाटरों के आवंटन की प्रक्रिया निष्पक्ष तरिके से करने के लिए सभी विभाग के अधिकारियों के समक्ष लॉटरी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए क्योंकि दबंग विभाग और उनके दबंग कर्मचारी अच्छे क्वॉटर ले लेते हैं और जरुरतमंद रेल कर्मचारी मुँह देखता रह जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अभी पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल के एकता नगर रेलवे स्टेशन पर 20 टाइप 2 तथा 6 टाइप 3 नये क्वॉटर बने परन्तु आवंटन में दबंग विभाग और उनके दबंग कर्मचारियों ने अच्छे क्वॉटरों का बंदर बांट कर लिया तथा उचित प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं किया गया तथा कई जरुरतमंद कर्मचारिय़ों को क्वॉटर ही नहीं मिल पाया जैसे 20 टाइप 2 क्वाटरों में से एक भी क्वाटर सिगनल विभाग को नहीं दिया गया।

Thursday, July 10, 2025

IRSTMU demanded Tablet Phones for S&T Staffs to improve effective maintenance

Indian Railways Signal and Telecommunication Maintainers' Union (IRSTMU) demands to provide the Tablet Phones to S&T Staffs for latest procedure of maintenance after introduction of SMMS. As S&T department has drastically changed the procedures of maintenance of S&T gears and introduced advanced and online techniques of maintenance and introduced SMMS online based maintenance system, it’s now an urgent need of Tablet Phones to S&T Staffs. So, IRSTMU asked to provide the Tablet Phones to S&T Staffs who are maintain S&T gears like SSE(Signal), SSE (Telecom), JE(Signal), JE (Telecom), Technician (Signal) and Technician (Telecom). It will improve the efficiency and effectiveness of maintenance of S&T gears as well as Railway Board’s goal for introduction of SMMS like effective and advanced maintenance technique.

Tuesday, July 8, 2025

Railway Board has accepted IRSTMU's demand Released letter to create vacancies according to New Yard Stick

General Secretary, IRSTMU has written a letter to Honorable MR Shri Ashwini Vaibhav Sir on 03.06.2025 regarding vacancy creation according to New Yard Stick 2022 and stop filling of the vacant posts by contractual staffs to enhance the maintenance work.
The Railway Board has accepted our demand and released a letter to All PCSTEs and asked to create vaccancy position according to New Yard Stick 2022. It's a great achievement of IRSTMU. 
IRSTMU thanked the Railway Board officials and the Honorable MR Shri Ashwini Vaishnav Sir.

Monday, July 7, 2025

कोटा रेल मंडल में अराजकता : बड़े अधिकारियों के सामने संघ के पदाधिकारी एसएसई ने पकड़ा ईएसएम का गिरेबान, पीटा, गालीगलौज

IRSTMU ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
हाल की कई घटनाओं के बाद भी नहीं सुधर रही अनसेफ वर्किंग

- ट्रैकमेंटेनर और ट्रालीमैन ने रेलवे ट्रैक पर घसीटा
- मोबाइल तोड़ा यूनिफॉर्म फाड़ी 
- डीआरएम के पास पहुंचा मामला
- आरोपी एसएसई संघ के मंडल पदाधिकारी हैं
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा रेल मंडल में इन दिनों अराजकता अपने चरम पर है. ताजा मामला गंगापुर-बयाना रेल खंड स्थित पिलौदा स्टेशन के पास गत शनिवार 5 जुलाई को सामने आया, जब डीईएन ऐश्वर्य आलोक, एईएन ए के जैन, एस एस ई समय सिंह मीणा द्वारा ट्रैक मेंटेनर और ट्रालीमैन के साथ मिलकर कर्मचारी से गाली गलौज और गिरेबान पकड़ कर रेल पटरी पर घसीटने, मोबाइल तोडऩे और यूनिफॉर्म फाडऩे की घटना की गई है. कर्मचारी की शिकायत पर रविवार 6 जुलाई को यह पूरा मामला डीआरएम के पास पहुंचा है.

अनसेफ वर्किंग रोका तो कर दी पीटाई
पीडि़त कर्मचारी ने की यह शिकायत

ट्रॉली करने से पहले उन्हें कंट्रोल से ऑथोरिटी लेनी चाहिए और पर्सनल नंबर एक्सचेंज करने के बाद ही ब्लॉक सेक्शन में ट्रॉली ले जा सकते हैं 

यदि ब्लॉक सेक्शन में ट्रॉली है तो कंट्रोल उसे ध्यान में रख कर ही गाड़ी चलाएगा साथ ही ट्रॉली से ब्लॉक सेक्शन फेल नहीं होना चाहिए यह भी अधिकारी को सुनिश्चित करना है
अपनी शिकायत में पिलौदा स्टेशन पर इलेक्ट्रिकल सिग्नल मेंटेनर (ईएसएम) पद पर तैनात कर्मचारी लखन लाल ने बताया कि कोटा कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि पुश ट्रॉली ने छोटी उदई और पिलौदा स्टेशनों के बीच ब्लॉक सेक्शन फेल कर दिया है. कंट्रोल रूम ने इस ट्राली की जीपीएस कैमरे से फोटो खींचने के निर्देश दिए थे. इसके बाद मौके पर पहुंची ट्रॉली के उसने फोटो खींच लिए. साथ ही एक्सेल काउंटर फेल होने से बचने की जानकारी देते हुए लिए उसने अधिकारियों से ट्रॉली को उठाकर निकालने का आग्रह किया.

IRSTMU के अध्यक्ष नवीन ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना की भर्त्सना

IRSTMU के अध्यक्ष नवीन कुमार ने घटना पर आपत्ति जताई और कहा कि प्रशासन द्वारा उचित कार्यवाही होनी चाहिए। किसी भी अधिकारी द्वारा कर्मचारी को उसकी ड्यूटी बाधित करने का कोई अधिकार नहीं है ना ही उसे इस प्रकार मारपीट करने या करवाने का अधिकार है।

अपनी इंसल्ट मान कर भड़के अधिकारी

 इस बात को अपनी तौहीन मानते हुए ट्रॉली में सवार मंडल इंजीनियर ऐश्वर्या आलोक, सहायक मंडल इंजीनियर गंगापुर एके जैन तथा वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) समय सिंह मीना जो (मजदूर संघ के मंडल के पदाधिकारी हैं), ने लखन से अभद्रता और गाली गलौज कर दी. इससे एक कदम आगे बढ़कर ऐश्वर्या ने लखन की कॉलर पकड़ ली. इसके बाद ट्रॉलीमैन एवं ट्रैकमेंटनरों ने भी हाथापाई कर लखन को करीब 10 मीटर तक रेल पटरियों की गिट्टियों पर घसीटा. इसके चलते लखन की वर्दी फट गई. मोबाइल टूट गया और गले की माला भी गायब हो गई. बाद में बड़ी मुश्किल से इन लोगों ने लखन को छोड़ा.

अधिकारियों ने किया अनसुना, डीआरएम ने दिया भरोसा

इसके बाद लखन ने इस पूरे मामले की शिकायत अपने अधिकारियों को की, लेकिन किसी भी अधिकारी ने मामले के खिलाफ कोई कार्रवाई करना जरूरी नहीं समझा. लखन ने अपनी शिकायत में बताया कि इस घटना के बाद वह अपने आप को बहुत ही डरा हुआ है और बहुत ही अपमानित महसूस कर रहे हैं. पीड़ित कर्मचारी का कहना है कि यदि उसके साथ कुछ अनहोनी होती है तो उसके जिम्मेदार ट्रॉली में सवार अधिकारी और उनके साथ मारपीट करने वाले इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी होंगे. इसके बाद लखन ने पूरे मामले की जानकारी डीआरएम अनिल कालरा को अपनी शिकायत के माध्यम से दी. डीआरएम ने मामले को संज्ञान लेते हुए लखन को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है. परन्तु दो दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।