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Monday, December 23, 2024

Railways opens S&T training centre in Bhuwawal, “Need such facility in each division," says IRSTMU

The Central Railway zone inaugurated state-of-the-art basic training centre for signal and telecommunication staff at Manamad in Bhusawal division on Sunday with an aim to enhance safety, capacity & efficiency.   

The Centre was inaugurated by D. V. Meena, General Manager, Central Railway zone who, according to railway officials, took personal interest in ensuring that all modern training equipment should be made available for the staff.   


Divisional Railway Manager Bhusawal Ity Pande and Sr. Divisional Signal & Telecom Engineer Bhusawal Vijay khainchi were also present during the inaugural function.

According to Sr. DSTE Vijay khainchi, the Centre focuses on providing training for personnel in the S&T department who specialise in the maintenance and operation of railway signaling and telecommunication systems. 


“The centre is equipped with advanced gears to offer hands-on experience and practical learning. The key equipments, available at the training centre, are Factory Acceptance Test (FAT) used for training on modern computerized interlocking systems,  Datalogger (A device used to monitor and record the status of various signaling components in real time), Siemens Interlocking Panel among many others,” DRM Ity Pande said. 


The Indian Railway S&T Maintainers' Union (IRSTMU) welcomed the initiative and said that it will go a long way in ensuring signal related safety which is vital for the safe train operations.  


Alok Chandra Prakash, General Secretary, IRSTMU, said, “The S&T Department of the Bhusawal division deserves a lot of appreciation for taking this initiative. Since the signalling system is being overhauled from manual to electronic and new technology is being introduced day by day in the Railways, it is extremely important to enhance the skill gap of the workforce.”

 “This is our long pending demand to have more and more such training centers in each division,” Prakash said. 

According to Navin Kumar, National President, IRSTMU, it will turn out to be a milestone for an efficient and specialised training of S&T staff.

Thursday, December 19, 2024

मालगाड़ी की चपेट में आने से रेलवे सिग्नल टेक्नीशियन की मौत: एक वक्त पर तीनों लाइन पर आ गईं ट्रेनें, 9 महीने पहले हुई थी शादी, एक दिन पहले ही ट्रेनिंग से आए थे

झांसी में गुरुवार सुबह मालगाड़ी की चपेट में आने से रेलवे टेक्नीशियन की मौत हो गई। गिरीराज प्रसाद मीना अपने साथियों के साथ रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे थे। तभी तीनों लाइन पर ट्रेन आ गई। साथी चिल्लाए भी, मगर जब तक वो कुछ समझ पाते मालगाड़ी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और हमने तुरन्त ही उन्हें सिविल अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।



एक्सीडेंट में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा बबीना स्टेशन के यार्ड में हुआ है। गिरीराज प्रसाद मीना की करीब 9 माह पहले ही शादी हुई थी। वह राजस्थान के कोटा के रहने वाले थे। परिजन झांसी के लिए रवाना हो गए हैं।

साथी चिल्लाया, हटने का इशारा भी किया

हेल्पर सुभाष ने बताया कि मैं चिल्लाया और ट्रैक से हटने का इशारा भी किया। 
गिरीराज प्रसाद मीना (31) राजस्थान के कोटा जिले के गिरधरपुरा के रहने वाले थे। वह झांसी रेल मंडल के सिग्नल एंड दूरसंचार विभाग में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं। फिलहाल उनकी ड्यूटी बबीना स्टेशन पर थी। गुरुवार सुबह वह स्टेशन यार्ड में हेल्पर सुभाष व अन्य साथियों के साथ काम कर रहे थे।

सुभाष ने बताया कि अप, डाउन लाइन पर ट्रेन खड़ी थी। तभी थर्ड लाइन पर ही गाड़ी आने के सिग्नल हो गए। तब हम लोग ट्रैक से हट गए। मैं गिरीराज को छोड़कर आगे चला गया। तभी वे ट्रैक पर कुछ करने लगे। इसी दौरान झांसी की ओर से मालगाड़ी आ गई। मैं चिल्लाया और हटने का इशारा किया। जब तक वे कुछ समझ पाते, मालगाड़ी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और हमने तुरन्त ही उन्हें सिविल अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मौके पर खड़ी रही गाड़ी मालगाड़ी के लोको पायलट को जैसे ही घटना का आभास हुआ तो उन्होंने गाड़ी रोक कर झांसी कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ने बबीना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमॉर्टम के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज भेज दिया। अब घरवालों को भी सूचना दी गई थी। वे कोटा से झांसी के लिए रवाना हो गए।
एक दिन पहले ड्यूटी पर आए थे गिरीराज की शादी 9 माह पहले मार्च 2024 में हुई थी। वह पत्नी के साथ झांसी में रहते थे। एक माह पहले वह रिफ्रेशर कोर्स के लिए गाजियाबाद गए थे। तब पत्नी को घर छोड़ आए थे। कोर्स से लौटने के बाद बुधवार को ही गिरीराज ने ड्यूटी जॉइन की थी। अब उसे अगले सप्ताह छुट्‌टी लेकर घर जाना था। उससे पहले ही हादसा हो गया।

गिरीराज अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी बहन की शादी हो चुकी है। मौत के बाद मातम का माहौल है। उसके सीनियर अधिकारी व रेलवे कर्मचारी सदमे में है। वे शव के साथ पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए। मामले में रेलवे के PRO मनोज कुमार सिंह का कहना है कि बबीना की तीसरी लाइन पर सिग्नल का काम था, जिसके लिए टेक्नीशियन पहुंचे थे। दुर्भाग्य से यह घटना हो गई।

झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह ने कहा, "ट्रेन की चपेट में आने से उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। जब तक वह अस्पताल पहुंचे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस मामले में सभी सुरक्षा सावधानियां बरती गईं और रेल प्रशासन की ओर से कोई चूक नहीं हुई।
"हालांकि 'सिग्नल मेंटेनर्स यूनियन' ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों की कमी के कारण सिग्नल कर्मचारी और तकनीशियन काम के दबाव में हैं, जिसके कारण वे घातक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।

'इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलिकॉम मेंटेनर्स यूनियन' (आईआरएसटीएमयू) के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने कहा, "मंडल से मुझे जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार प्रसाद ने बुधवार की शाम को सिग्नल की समस्या को ठीक किया था और उन्हें बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे फिर से समस्या को ठीक करने के लिए भेजा गया था।"

उन्होंने कहा, "रेलवे में करीब 25 प्रतिशत सिग्नल मेंटेनर्स (सिग्नल की देखरेख करने वाले) की कमी है, जिसके कारण मौजूदा कर्मचारियों को रिक्त पदों की भरपाई के लिए अधिक काम करना पड़ता है। सिग्नल तकनीशियन पर चीजों का संचालन करने का अत्यधिक दबाव होता है और उस दबाव में कर्मचारी अपनी सुरक्षा के बारे में चिंतित नहीं रह पाते।"
IRSTMU के अध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा कि बिना पर्याप्त संशाधन के सिग्नल एवं टेलिकॉम विभाग के कर्मचारियों से काम लिया जाता है और अभाव एवं दबाव में आकर इस प्रकार दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।‌

Tuesday, November 19, 2024

TCM GR 1 में हो सीधी भर्ती: आलोक चंद्रसिग्नल एवं टेलिकॉम कर्मचारियों को भी मिले रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस: नवीन कुमार

नई दिल्ली: दिनांक 14 नवंबर, 2024 को इंडियन रेलवे सिग्नल एवं टेलिकॉम मैंटेनर्स युनियन (IRSTMU) के अध्यक्ष नवीन कुमार एवं महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने नई दिल्ली स्थित रेलवे बोर्ड में विभिन्न अधिकारियों से मुलाकात की। मुलाकात का मुख्य कारण सिग्नल एवं टेलिकॉम कर्मचारियों को रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस जल्द से जल्द दिये जाने की मांग के ऊपर हो रही कार्रवाई की समीक्षा करना था। महामंत्री आलोक प्रकाश ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी के कार्यालय से उन्हें सुचना दी गई है कि रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस का मामला वित्त मंत्रालय की समीक्षा के लिए विलंबित है इसके लिए टीम IRSTMU ने मेम्बर इंफ्रास्ट्रक्चर श्री नवीन गुलाटी जी से बात की। बातचीत में उन्होंने आस्वाशन दिया कि वो पूरी कोशिश करेंगे कि हम सिग्नल एवं टेलिकॉम कर्मचारियों रिस्क एवं हार्डशिप जल्द से जल्द मिल जाए। 
ए एम (टेलिकॉम) श्री समीर दिक्षित सर से मुलाकात कर महामंत्री आलोक चंद्र ने टी सी एम ग्रेड 1 में सीधी भर्ती की मांग उठाते हुए कहा कि मान्यता प्राप्त फेडरेशनों के रिटायर्ड नेता केवल और केवल अपनी मनमानी करने के लिए साज़िश रची है इसलिए ही दिनांक 02.04.2024 की ज्वाईंट मिटिंग में रेलवे बोर्ड के सिग्नल विभाग की तरह टेलिकॉम विभाग में भी TCM GR. 1 में 15% सीधी भर्ती के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया।‌ राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन कुमार ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि मान्यता प्राप्त फेडरेशनों के रिटायर्ड नेताओं को अपनी महत्वाकांक्षा के कारण सिग्नल एवं टेलिकॉम विभाग के समग्र विकास में बाधा उत्पन्न होती है। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रबोध कुमार श्रीवास्तव ने टेलीकॉम विभाग में TCM GR. 1 में 15% सीधी भर्ती को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि रेलवे बोर्ड के इस प्रस्ताव से टेलिकॉम विभाग को अच्छे और कुशल तकनीशियन मिलने की संभावना बढ़ेगी और रेलवे का नर्व्स सिस्टम को चलाने वाले टेलिकॉम विभाग अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से पूरा कर सकेगा। महासचिव आलोक चंद्र ने दोनों ही मान्यता प्राप्त फेडरेशनों के रिटायर्ड नेताओं को उनकी गलत नितियों के लिए आलोचना करते हुए कहा कि रेलवे बोर्ड का यह निर्णय आने वाले समय में भारतीय रेलवे का स्वरूप ही बदल देगा इसलिए TCM GR 1 में 15% सीधी भर्ती की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू होनी चाहिए।

Wednesday, October 2, 2024

Railway Board gives DG (HR) additional charge of Member (Infra), IRSTMU ask why no regular posting

New Delhi, Oct 1, 2024. The Railway Board has given an additional charge of Member (Infrastructure) to DG (HR) after the former superannuated on September 30, 2024.


“Ministry of Railways have decided that Shri Naveen Gulati, Director General (Human Resources), Railway Board, should be detailed to look after the duties of the post of Member (Infrastructure) Railway Board, in addition to his own, on superannuation of Shri Anil Kumar Khandelwal on 30.09.2024 until further orders,” an order from the Railway Board dated September 30, 2024, said.


The post of Additional Member (Signal) has also been lying vacant since July 1, 2023 when Rahul Aggarwal, the then AM (Signal) was redesignated as Special DG (S&T), RDSO. Coincidentally, Aggarwal also superannuated on September 30, 2024.


The Indian Railway S&T Maintainers’ Union (IRSTMU) has expressed concern and said that vacancy in top positions hamper operational safety as the Railway Board should have put in place the process to select Khandelwal’s successor well-in time. 


A section of safety experts also seconded IRSTMU’s concern as according to them Signal and Telecom makes a highly critical area from the operational safety point of view. 


“Since the day AM (Signal) was redesignated as Special DG (S&T), RDSO, we have been demanding to fill this post but the Board hasn’t taken any action in this regard. Now the Member (Infra) under whom, S&T and Engineering Dept come, retired on September 30 and the Railway Board doesn't have a regular replacement,” Alok Chandra Prakash, General Secretary of the Indian Railway S&T Maintainers’ Union (IRSTMU) said.


He added, “Though Naveen Gulati sir, Director General (Human Resources), Railway Board, who has been given an additional charge, is a dynamic, competent and highly-regarded officer yet his main focus will be on HR-related issues rather than ongoing as well as upcoming Infra projects including the automatic train protection system Kavach.”


K P Arya, who retired as Chief Signal and Telecom Engineer/Information Technology, Northern Railway said that normally the process of search for a suitable successor is started quite early but sometimes objections crop up in between which delay the appointment. 


“Having said that, I believe that the Ministry should have been well-prepared to take all such challenges in its stride to make regular appointments on time instead of coming up with a stop-gap arrangement,” Arya said adding, “When safety is being questioned due to frequent derailments and accident, these top positions cannot remain vacant or run with ad hoc mechanism.”


Navin Kumar, National President, IRSTMU said that stop-gap measures  in case of crucial posts hampers operational safety.


“If DG(HR) has been given extra charge of Member (Infar) it also suggests that it will take a longer time than expected to appoint a new MI. Also if the posting of the head of the safety-related departments is being delayed, then isn't this playing with safety?,” Kumar questioned.
Team Members of IRSTMU reached RDSO, Lucknow to honoured Shri Rahul Agarwal Sir, Ex.AM (Signal), Railway Board and Sp.DG (S&T), RDSO on his superannuation on 30th, September, 2024. Shri Devendra Kumar, Shri Manish Kumar, Shri Shailendra Kumar and Shri Kamalesh Kumar were the part of Team IRSTMU.

Friday, May 31, 2024

पद का दुरुपयोग करते हुए स्टेशन मास्टर ने गाड़ियों को जानबूझकर पीटा, आरोप सिग्नल कर्मचारी के ऊपर लगाया

पद का दुरुपयोग करते हुए स्टेशन मास्टर ने गाड़ियों को जानबूझकर पीटा
आरोप सिग्नल कर्मचारी के ऊपर लगाया

सिग्नल कर्मचारी सलीम शहजाद का दिनांक 28-05-2024 को वाराणसी में एक स्टेशन मास्टर के साथ बहस और हाथापाई तक हो गया। इस घटना के बाद इंडियन रेलवे सिग्नल एवं टेलिकॉम मेंटेनर्स युनियन IRSTMU के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश जी ने कहा कि हमारी आंखें खोलने के लिए यह घटना काफी है और प्रशासन की घोर लापरवाही को साफ़ - साफ दर्शाती है।
घटना को तथ्यों के परिदृश्य में समझाते हुए महासचिव ने यह कहा कि ---------
1 सलीम शहजाद अपने डी एस टी ई के आदेशानुसार पैनल कक्ष में एक्सल काउंटर का नंबर और कंपनी का नाम लिखने के लिए गये थे। जबकि स्टेशन मास्टर के द्वारा बिना SI-4 के एक्सल काउंटर खोलने का झूठा और मनगढ़ंत आरोप लगाया गया।
2. हमारे साथी को‌ डी एस टी ई सर के आदेश का पालन करना भारी पड़ा जब कि SI-4 की जरूरत नहीं थी क्योंकि SI-4 मेंटेनेंस और रिपेयर वर्क के लिए दिया जाता है।
3. S&T स्टाप को स्टेशन मास्टर के साथ प्रायः बहस और मारपीट की नौबत आ जाती है क्योंकि मजबूरन पैनल कक्ष में जाना पड़ता है जिससे सिग्नल एवं दूरसंचार कर्मचारीयों के जान का खतरा बना रहता है।
जानबूझकर गाड़ियां पीटा स्टेशन मास्टर ने

स्टेशन मास्टर की गलती के कारण वंदेभारत समेत कई ट्रेनों का ऑपरेशन एक घंटे से अधिक समय तक बाधित रहा.
स्टेशन मास्टर ने अपने इगो के कारण वाराणसी और उसके आसपास के रेलवे स्टेशनों पर रेल गाड़ियों का ऑपरेशन 40 मिनट से लेकर डेढ़ घंटे तक बाधित रखा. गौरतलब है कि वाराणसी रेलवे स्टेशन लखनऊ मंडल के अंतर्गत आता है.

रिपोर्ट में कहा गया कि पटना वंदे भारत एक्सप्रेस और बनारस-बक्सर मेमू व्यासनगर रेलवे स्टेशन पर खड़ी रहीं. एर्नाकुलम सुपरफास्ट एक्सप्रेस, वाराणसी मेमू और पटना काशी जनशताब्दी एक्सप्रेस दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन पर खड़ी रहीं. ये सभी ट्रेन वाराणसी रेलवे स्टेशन से होकर गुजरती हैं.

एस एंड टी स्टाफ की ओर से IRSTMU की मांग है कि -----------
1. पैनल कक्ष में CCTV कैमरा लगवाया जाय जिससे मारपीट होने पर कैमरा देखकर गलती की पुष्टि की जा सके।
2. सिग्नल एवं टेलिकॉम मेंटेनर का ग्रेड पे स्टेशन मास्टर के समकक्ष 4200 किया जाये जिससे स्टेशन मास्टर सिग्नल एवं दूरसंचार मेंटेनर को हमेशा कमजोर ना समझे। 
3. अगर प्रशासन ऊपर लिखे 1 और 2 नंबर को करने में असक्षम है तो दोनों कैडर स्टेशन मास्टर लथा सिग्नल एवं दूरसंचार मैंटेनर को आपस में मर्ज कर दिया जाये।

वैज्ञानिक तथ्य ----------------
1. संसाधनों को मेंटेनेंस करते रहने से यह सिद्ध हुआ है कि इंटरलोकिंग सिस्टम में लगे सभी यंत्रों की कार्यक्षमता बरकरार रहती है जिससे रेल का सुरक्षित और संरक्षित परिचालन सुनिश्चित होता है।
2. कर्मचारी पर प्रभाव --- ऐसा करने से कर्मचारी बिना किसी डर भय के काम करेंगे जिससे उनका मानसिक संतुलन बना रहेगा।

जाँच कमिटी पर लगा भेदभाव का आरोप

ज्वॉइंट रिपोर्ट तैयार करने वाले तीन अधिकारियों में से जिन दो ने शहजाद को अनुशासनहीनता और मारपीट के लिए जिम्मेदार ठहराया जिससे ट्रेनों का ऑपरेशन बाधित हुआ उन पर IRSTMU ने भेदभाव का आरोप लगाया है, जबकि तीसरे अधिकारी ने असहमति जताते हुए कहा कि 'ऑडियो वॉयस रिकॉर्डिंग' सुनने के बाद निर्णय लिया जाना चाहिए.

लखनऊ मंडल के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक ने जांच के लिए तीन सीनियर अफसरों की अन्य टीम गठित की है, जिसमें सीनियर असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर, असिस्टेंट डिविजनल सिग्नल एवं टेलीकॉम इंजीनियर और असिस्टेंट डिविजनल सिग्नल ऑपरेशन मैंनेजर शामिल हैं. इनसे जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. IRSTMU ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच ऐसे हो कि इस प्रकार की घटनाओं पर पूर्णतः विराम लगना चाहिए।

आखिर कब तक सिग्नल एवं दूरसंचार मेंटेनर और स्टेशन मास्टर का आपस में लङाई झगड़ा होता रहेगा -------
यह पहली घटना नहीं है और ना ही यह आखिरी भी नहीं होगी। अगला नंबर मारपीट के लिए किसका आ जाय नहीं पता क्योंकि लगभग हर रोज यही माहौल है अब भी कुछ नहीं किया गया तो समस्या और गंभीर रूप ले लेगी जो रेलवे की सुरक्षा के लिए खतरा होगी। प्रशासन को हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करनी ही होगी चाहे जो हो जाय। 
आखिर कब तक सिग्नल एवं दूरसंचार कर्मचारीयों पर सभी सुविधाओं से लैस स्टेशन मास्टर जानबूझकर कंट्रोल फोन पर गलत बयान दे कर अपने इगो के लिए जानबूझकर गाड़ियां पीटते रहेंगे और सिग्नल एवं दूरसंचार कर्मचारीयों पर झूठे आरोप लगाते रहेंगे।
इंडियन रेलवे सिग्नल एवं टेलिकॉम मेंटेनर्स युनियन (IRSTMU) के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश जी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और देश व्यापी विरोध प्रदर्शन करने की बात कही है। आय दिन इस प्रकार की घटनाओं में वृद्धि होने के कारण सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों का सही माहौल में काम करना दूभर हो चुका है पर रेल मंत्रालय अपनी नींद में सो रहा है।

Sunday, April 28, 2024

Employees of Signal and Telecom department are being forced to short cuts as Disconnection is not being given by the traffic control

Employees of Signal and Telecom department are being forced to take short cuts
Disconnection is not being given by the traffic control

Since last year, signal and telecom employees are facing many difficulties in working. Traffic control has started creating many obstacles in giving disconnection for the maintenance of signal and telecom gears. In the past years, we never had to face such a problem, but now the control is showing reluctance in giving disconnection even to those gears on which only few trains or no train is affected. Not giving disconnection in this manner is leading to serious problems and is motivating signal and telecom employees to take short cuts. This is a danger to the safety and security of the railways. In the railway safety instructions, it has been ensured that signaling gears are given disconnection. But to follow the railway safety instructions, disconnection of signalling gears should also be ensured with equal ease so that there is no need to take any kind of short cut. 
Indian Railway Signal and Telecom Maintainers' Union (IRSTMU), General Secretary, Alok Chandra Prakash expressed his concerns on this serious issue said that there is a need to draw the attention of the administration on this serious issue. The way the traffic control is acting arbitrarily and refusing to disconnect the signalling gears is condemnable.

Monday, January 22, 2024

तीन सिगनल कर्मचारी हुए एक साथ रनओवर, रेलवे बोर्ड ने IRSTMU से संपर्क कर दुःख व्यक्त किया

अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण कल दिनांक 22/01/24 को 20:55 बजे मुंबई मंडल (WR)के भायंदर स्टेशन पर फेलियर अटेंड करने के दौरान तीन सिगनल कर्मचारी Shri Vasu Mitra, SSE/SIG; Shri Somnath Uttam L, ESM तथा Shri Sachin Wankhede, ASST रन ओवर हो गए। इंडियन  रेलवे सिगनल एवं टेलीकाम मैंटेनर्स युनियन (IRSTMU) ने इस दुःख की घड़ी में ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके परिवार को शक्ति देने की कामना की। संगठन के महासचिव आलोक चन्द्र प्रकाश ने कर्मचारियों से संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान करते हुए कहा कि क्या अब भी आप ट्वीट को retweet, like, comment and share करने में हिचकीचाएँगें। याद रखिए आपका एक-एक ट्वीट हम S&T कर्मचारियों के भविष्य के लिए आवश्यक है। फ्रेम में लटकाए जाने से पहले अपने हक के लिए एक हो जाइए वर्ना फ्रेम में लटकने के बाद सिर्फ और सिर्फ हम दुनिया को निहारते ही रह जाऐगें।
संगठन के अध्यक्ष नवीन कुमार जी से रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने संपर्क कर रेलवे बोर्ड की संवेदना व्यक्त की तथा दुर्घटना पर दुःख व्यक्त किया। साथ ही सभी कर्मचारियों को और अधिक सावधान होकर काम करने की जरूरत पर बल दिया।

Wednesday, January 3, 2024

Team IRSTMU visited PCSTE, Southern Railway and DRM Office, Chennai on 02.01.2024

ஜெய் S&T நண்பர்களே!
தேதி 02/01/2024 அன்று, குழு IRSTMU ஸ்ரீ சாந்தி ராம் ஜி PCSTE தெற்கு ரயில்வே சர், ஸ்ரீ முரளி கிருஷ்ணா ஜி CSE தெற்கு ரயில்வே சர், ஸ்ரீ நாகேந்திர பிரசாத் ஜி CCE தெற்கு ரயில்வே சர், ஸ்ரீ சந்தீப் குமார் ஜி CSTE திட்டமிடல் தெற்கு ரயில்வே சர், ஸ்ரீ தாக்கூர் ஜி DSTE சென்னை ஐயாவை சந்தித்து புத்தாண்டு வாழ்த்துகளை தெரிவித்ததுடன், IRSTMU குழுவினர் PCSTE ஐயா பிறந்தநாளுக்கு அன்பான வாழ்த்துக்களையும் வாழ்த்துக்களையும் தெரிவித்தனர். இந்தச் சந்தர்ப்பத்தில், IRSTMU இன் முயற்சிகளை அனைத்து அதிகாரிகளும் பாராட்டினர். IRSTMU குழுவின் சார்பாக, ஸ்ரீ நவீன் குமார் ( தேசிய தலைவர் ), ஸ்ரீ எம் கணேஷ் (தேசிய துணைத் தலைவர்), ஸ்ரீ ரோஹித் குமார், ஸ்ரீ காமேஷ்வர் ராவ், ஸ்ரீ கோபானியா கே மற்றும் ஸ்ரீ விக்ரம் குமார் ஆகியோர் கலந்து கொண்டனர்.