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Wednesday, April 29, 2026

IRSTMU ने रेशनेलाइजेशन के नाम पर पोस्ट सरेंडर को दुर्भाग्यपूर्ण बताया

IRSTMU महासचिव, आलोक चंद्र प्रकाश ने कहा, ''एक तरफ सरकार 8वें पे कमीशन के तहत कर्मचारियों से बड़े-बड़े वादे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ रैशनलाइज़ेशन के नाम पर हज़ारों पोस्ट सरेंडर कर रही है। यह रेलवे सेफ्टी के लिए बहुत सीरियस है।''

1. विरोधाभासी नीतियां: एक तरफ 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के माध्यम से कर्मचारियों को बेहतर वेतन का आश्वासन दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों पद खत्म (surrender) किए जा रहे हैं।
2. सुरक्षा से समझौता: रेलवे की ओर से 2026-27 के लिए 2% पदों (लगभग 29,608 पद) को सरेंडर या पुनर्वितरित करने का आदेश दिया गया है, जिसे ट्रेड यूनियनों ने रेलवे सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।
3. कर्मचारियों पर दबाव: पहले से ही कई विभागों में मैनपावर की कमी है और इन पदों को सरेंडर करने से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ेगा, जिससे ऑपरेशनल दक्षता प्रभावित होगी। 
 संदर्भ:
रेलवे मंत्रालय ने "बेहतर मैनपावर उपयोग और दक्षता" का हवाला देते हुए 24 अप्रैल 2026 को सभी ज़ोनल रेलवे को पदों को सरेंडर/पुनर्वितरित करने का आदेश जारी किया था, जिस पर कर्मचारी संघों ने कड़ी आपत्ति जताई है। 

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